आयें आज सही अर्थों में हम कारवां बनायें
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में आज जो कुहासा छाया हुआ है इसका हल केवल राष्ट्रीय जनमानस के पास ही है नेताओं और संस्थानों से अपेक्षा के बिना जो मानवीय सैलाव सड़कों पर उतरा है उसे सही दिशा में ले जाते हुए सच्चे अर्थों में राष्ट्रीय चेतना के रूप में परिवर्तित करने की क्षमता बुद्धिजीवी वर्ग में ही है.. ग्लैमर की दुनिया से अप्रभावित रहकर आयें आज सही अर्थों में हम एक कारवां बनायें. जाति वर्ग धार्मिक आस्थाओं के भेदसे विहीन एक नए समाज का ...... प्रयास जारी रखें और सच्ची राष्ट्रीय चेतना की इस लौ को किसी को बुझाने न दें


7 टिप्पणी:
Shreekant ji you have written very correct in your article and i am very much agreed. this is the time when we know that our future is not safe in the hands of politicians.... we have to stand together....
Neha
एक जरुरी पहल!!
http://indianwomanhasarrived.blogspot.com/2008/12/blog-post_05.html
please samay nikaal karey isko padhey aur phir aap bhi kuch apne blogpar daaley
ये लौ हमने तो जला दी है..
इन नेताओ को हमने बनाया है और हम ही इन्हे हटाने का अधिकार रखते है यदि हमें आगे जाके इन्हे देश के सत्ता से निकालना पड़ा तो हम पीछे नही हटेंगे ये देश हमारा है जनता का न की नेताओ के जागीर मै इस लडाई मै जनता के साथ हूँ श्रीकान्त जी.
ताशु
manyawar netao ne sirf janta ka shoshan kiya hai wo jo karte hai dikhawa matr hota hai hame unki santwana nahi cahiye hamkhud kahde hosakte hai.
priti
सामयिक जरुरी पहल करने के लिए धन्यवाद.
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